Gas Cylinder New Price: केंद्र सरकार ने 14 अक्तूबर 2025 को एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत को प्रभावी रूप से 550 रुपये प्रति सिलेंडर करने का फैसला लिया है। यह फैसला अप्रैल 2025 में हुई 50 रुपये की कीमत वृद्धि के बाद आया है, जिसमें सामान्य उपभोक्ताओं के लिए दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत 853 रुपये हो गई है। लेकिन उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए 300 रुपये की केंद्र सरकार की सब्सिडी के चलते यह सिलेंडर अब केवल लगभग 550 रुपये में उपलब्ध होगा। यह घोषणा गरीब और ग्रामीण परिवारों, खासकर महिलाओं के लिए राहत की सांस लेकर आई है, जो स्वच्छ ईंधन की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे थे। सरकार का यह बड़ा फैसला उन लोगों के लिए दिवाली उपहार के रूप में उभर कर सामने आया है, जिससे महिलाओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
सरकार ने इस समस्या का समाधान करने के लिए कुछ नए नियम भी लागू किए हैं, जिनसे आम जनता को राहत मिलेगी। इन नए नियमों के तहत खासकर गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी की गई है। इसका उद्देश्य यह है कि हर परिवार को सस्ते और स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिल सके, ताकि वे पारंपरिक चूल्हों और लकड़ी से होने वाले स्वास्थ्य खतरों से बच सकें।
त्योहारी सीजन में सस्ती एलपीजी
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी देते हुए कहा, “सरकार की प्राथमिकता हमेशा से ही गरीबों की रसोई को स्वच्छ और सस्ता बनाना रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद हम उज्ज्वला योजना के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक परिवारों को सब्सिडी का लाभ सुनिश्चित कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 में हुई वृद्धि के बावजूद उज्ज्वला लाभार्थियों को पहले 500 रुपये में सिलेंडर मिल रहा था, जो अब 550 रुपये हो गया है। यह वृद्धि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर पड़ रहे वित्तीय बोझ को संतुलित करने के लिए की गई है, लेकिन सब्सिडी के कारण आम उपभोक्ता पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और इसका महत्व
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी, जिसका उद्देश्य गरीब और ग्रामीण परिवारों को मुफ्त LPG कनेक्शन प्रदान करना था। पहले चरण में 8 करोड़ कनेक्शन वितरित करने का लक्ष्य रखा गया, जो सितंबर 2019 तक पूरा हो गया। इसके बाद अगस्त 2021 में उज्ज्वला 2.0 की शुरुआत की गई, जिसके तहत महिलाओं को 1 करोड़ अतिरिक्त कनेक्शन दिए गए। सितंबर 2023 में सरकार ने और 75 लाख कनेक्शन मंजूर किए। आज योजना के तहत देशभर में 10.33 करोड़ सक्रिय लाभार्थी हैं, जिन्हें कुल 32.94 करोड़ घरेलू LPG उपभोक्ताओं में से सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। अब तक योजना के अंतर्गत 238 करोड़ से अधिक रिफिल सिलेंडर वितरित हो चुके हैं, जिससे धुंए से होने वाली बीमारियों में कमी आई है, और महिलाओं का समय भी बचता है।
यह फैसला तब आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतें फरवरी 2025 में 629 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई थीं। भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, इसलिए वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है। फिर भी सरकार ने अगस्त 2023 में 903 रुपये से घटाकर फरवरी 2025 में 503 रुपये (सब्सिडी पूर्व) की कीमत सुनिश्चित की। अप्रैल 2025 की 50 रुपये की वृद्धि के बाद भी उज्ज्वला लाभार्थियों को हर सिलेंडर पर 300 रुपये की सीधी सब्सिडी मिल रही है, जो उनके बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए ट्रांसफर होती है। कुछ राज्यों जैसे राजस्थान में राज्य सरकार अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है, जिससे सिलेंडर की प्रभावी कीमत 500 रुपये तक आ जाती है।
सिलेंडर की कीमतों में कमी
नए नियमों के लागू होने के बाद विभिन्न शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में काफी कमी आई है। जो सिलेंडर पहले 900 रुपये या उससे ज्यादा में मिलते थे, अब वे कम दामों में उपलब्ध हो रहे हैं। हालांकि कीमतों में यह कमी विभिन्न शहरों और योजनाओं के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकती है। विशेष रूप से वे परिवार जो सब्सिडी प्राप्त करते हैं, उन्हें सिलेंडर की कीमतों में और अधिक छूट मिल रही है। कुछ योजनाओं में सिलेंडर की कीमत 500 रुपये तक रखने का प्रयास किया जा रहा है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और विनिमय दर पर भी निर्भर करती हैं। इसलिए गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है। फिर भी सरकार ने इन उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करने के लिए सब्सिडी का सहारा लिया है, जिससे आम जनता को राहत मिल सके। अब सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर होती है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है, और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है।
गरीब परिवारों के लिए विशेष प्रावधान
नए नियमों में विशेष रूप से गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों का ध्यान रखा गया है। इन परिवारों को सस्ती दरों पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने कई खास कदम उठाए हैं। आदिवासी और अन्य पिछड़े वर्गों के परिवारों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें। उज्ज्वला योजना भी इन्हीं परिवारों के लिए बनाई गई थी। सरकार का उद्देश्य यह है कि कोई भी परिवार चाहे वह किसी भी आर्थिक स्थिति में हो, स्वच्छ ईंधन का उपयोग कर सके, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।
सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया
एलपीजी गैस सिलेंडर पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए कुछ शर्तें हैं। सबसे पहले आपके पास वैध गैस कनेक्शन होना चाहिए और आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी है। सब्सिडी डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते में आती है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे। अगर आप उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं, तो आपको अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। आप अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं और सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं।
यदि आप उज्ज्वला योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो नजदीकी गैस एजेंसी पर आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक खाता विवरण के साथ आवेदन करें। योजना का लाभ लेने वालों को सालाना 12 रिफिल पर सब्सिडी मिलती है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करें।






