PM Dhan Dhanya Scheme 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने 35,440 करोड़ रुपये की दो नई राष्ट्रीय योजनाओं की शुरुआत करते हुए कृषि को आधुनिक, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा संदेश दिया।
इसी के साथ प्रधानमंत्री ने 24,000 करोड़ रुपये की ‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana)’ का भी शुभारंभ भी किया। इस योजना का उद्देश्य देशभर में कृषि उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में बढ़ोत्तरी करना और खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
PM Dhan Dhanya Scheme 2025 के रूप में किसानों को बड़ी सौगात
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज 11 अक्टूबर का दिन बहुत ऐतिहासिक है। आज भारत माता के दो महान रत्नों भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती है। ये दोनों महान सपूत ग्रामीण भारत और किसानों की आवाज थे। आज उनके आदर्शों के अनुरूप किसानों की समृद्धि के लिए ये योजनाएं शुरू की जा रही हैं।”
मोदी ने कहा कि जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के प्रतीक थे, और आज जिन योजनाओं की शुरुआत हुई है, वे उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम हैं।
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (PM Dhan Dhanya Scheme 2025) का मुख्य उद्देश्य
पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत देश के 100 पिछड़े और कम उत्पादकता वाले जिलों में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न सुधारात्मक पहल की जाएंगी। इस योजना के माध्यम से सिंचाई, भंडारण, उत्पादन, कृषि ऋण जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि खेती को केवल जीविका का साधन न मानकर उसे एक लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित किया जाए।
PM Dhan Dhanya Scheme 2025 योजना का लक्ष्य
- कृषि उत्पादन में वृद्धि
- किसानों को सस्ते दरों पर ऋण सुविधा
- सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ करना
- फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना
- फसल प्रबंधन को आधुनिक बनाना
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में भारत पूरी तरह दालों के आयात से मुक्त हो और हर किसान को दाल उत्पादन के लिए प्रोत्साहन मिले।
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राष्ट्रीय दाल आत्मनिर्भर मिशन- 11,440 करोड़ का निवेश
कृषि आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 6 वर्षीय “राष्ट्रीय दाल आत्मनिर्भर मिशन” की भी घोषणा की। इस मिशन में 11,440 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
कृषि आधारभूत ढांचा फंड और पशुपालन परियोजनाएं
किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 3,650 करोड़ रुपये की “कृषि आधारभूत ढांचा फंड योजना” भी शुरू की है। इसके तहत भंडारण, प्रसंस्करण और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। पशुपालन क्षेत्र को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 17 नई परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है, जिन पर कुल 1,166 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से दूध उत्पादन, डेयरी उद्योग और पशुधन की उत्पादकता में सुधार की उम्मीद है।
PM Dhan Dhanya Scheme 2025 से मिलेगा मत्स्य पालन और फूड प्रोसेसिंग को मिला बल
मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए सरकार ने 693 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है, जिससे देश में मछली उत्पादन और जलीय कृषि को नई गति मिलेगी। वहीं, किसानों की उपज को बेहतर मूल्य दिलाने और ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 800 करोड़ रुपये का निवेश फूड प्रोसेसिंग उद्योग में किया जाएगा।
प्राकृतिक खेती को मिला बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को लोकप्रिय बनाने के लिए विशेष अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक खेती को अपनाने से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी, लागत घटेगी और किसानों का मुनाफा बढ़ेगा। मोदी ने कहा, “किसान भारत की आत्मा हैं। जब किसान सशक्त होगा, तभी देश सशक्त होगा। आज जिन योजनाओं की शुरुआत हुई है, वे केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के उज्जवल भविष्य की योजनाएं हैं।”
PM Dhan Dhanya Scheme 2025 में कृषि विकास में नया युग
मोदी सरकार की नई कृषि योजनाएं किसानों के लिए एक व्यापक विकास खाका पेश करती हैं। इन योजनाओं के माध्यम से जहां उत्पादन और बाजार तक पहुंच आसान होगी, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर बनेंगे। यह पहल भारत को कृषि आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला निर्णायक कदम साबित हो सकती है।






